Maiyya Mainu

ओह माइया मैनु याद आवे
बिन तेरे क्या यारा मेरा
साइबा तू मैं मिर्ज़ा तेरा
अक्सर तेरा जीकर छिड़े तो
मरजाना ये मिर्ज़ा तेरा

बेहतर हाय बेहतर हाय
तुझसे ही सब होता जाये
ज़िंदगानी में होना तेरा
लाख लाख शुकर मैं कहना

ओह माइया मैनु याद आवे
सुन चरखे दी रूह याद आवे

ओह माइया मैनु याद आवे याद आवे याद आवे

इस दर पे तुज्ज़ से ही नज़ाये
तुज्ज़ से ही हर रोज बहारे
तेरा होना हैं कुछ ऐसा
जैसे घर को रब्ब की दुआए
इश्क़ में क्या कहना कहान
तेरे सदके हर पल जावा
ज़िंदगु में होना तेरा लख लख सुकर कहना
ओह माइया मैनु याद आवे
सुन चरखे दी रूह याद आवे

ओह माइया मैनु याद आवे याद आवे याद आवे

Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *